जब मैं हसा था, कौन मेरे साथ मुस्कुराया था
कौन है मेरा दोस्त जो तब मेरे पास आया था
जब मै ग्रमज्रदा था, क्या किसी ने आंसू बहाया था
या यह है मेरा दोस्त जिसने निशां आसुंओं का मिटाया था
अधूरी सी है ……..
Shayari Punjabi Shayari
Shayari Devnagri mein
जब मैं हसा था, कौन मेरे साथ मुस्कुराया था
कौन है मेरा दोस्त जो तब मेरे पास आया था
जब मै ग्रमज्रदा था, क्या किसी ने आंसू बहाया था
या यह है मेरा दोस्त जिसने निशां आसुंओं का मिटाया था
अधूरी सी है ……..
Shayari Punjabi Shayari
हर ध्ड्रकन में एक राज्र होता है
हर बात को बताने का एक अंदाज्र होता है
जब तक ठोकर न लगे बेवफाई की
हर किसी को अपने प्यार पे नाज्र होता है
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शिकायत है उन्हें कि हमें मोहब्बत करना नही आता,
शिकवा तो इस दिल को भी है
……… पर इसे शिकायत करना नहीं आता